चामकोट में हादसा, अंगीठी की गैस से दम घुटने से एक युवक की मौत, दूसरे की हालत गंभीर

मिस्त्री का कार्य कर रहे दो लोगों ने सोते हुए कमरें में अंगीठी जलाई थी। सुबह जब उनकी ओर से कमरे का दरवाजा नहीं खोला गया। उत्तरकाशी के चामकोट में कमरे में अंगीठी की गैस के कारण बंद कमरे में डुंडा निवासी एक युवक की मौत हो गई। दूसरे युवक को पुलिस और स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस की मदद से उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। उसका आईसीयू में उपचार चल रहा है। यह दोनों लोग चामकोट गांव में लंबे समय से एक निर्माणाधीन भवन पर मिस्त्री का कार्य कर रहे थे।नगर कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक दिलमोहन बिष्ट ने बताया कि चामकोट गांव में एक भवन में मिस्त्री का कार्य कर रहे दो लोगों ने बीते बृहस्पतिवार रात्री में सोते हुए कमरें में अंगीठी जलाई थी। सुबह जब उनकी ओर से कमरे का दरवाजा नहीं खोला गया तो इसकी सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी।सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से दरवाजा खोला तो कमरे के अंदर प्रमोद जोशी (37) पुत्र नत्थी जोशी वर्ष निवासी वीरपुर डुंडा मृत अवस्था में मिला। दूसरी ओर उसका साथी सुरेश चंद (38 )पुत्र बिंदी लाल निवासी डुंडा बेहोशी की हालत में मिला।
पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से बेहोश व्यक्ति को एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां पर उसे आईसीयू में भर्ती करवाया गया है, उसकी स्थिति भी गंभीर बनी हुई है। मृतक के शव का पंचनामा भर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बताया कि यह दोनों लोग लंबे समय से चामकोट में एक निर्माणाधीन भवन में मिस्त्री का कार्य कर रहे थे। यह वहीं पर कमरा लेकर रह रहे थे।



