चट्टान से हटेंगे खतरा बने पत्थर और मलबा, 22 मई से शुरू होगा काम, डायवर्जन प्लान जारी

एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान एनएचएआई ने पहाड़ी काटकर एलिवेटेड रोड का निर्माण किया है। एलिवेटेड रोड पहाड़ी क्षेत्र से गुजरती है। इस समय भी चार जगह बड़ी चट्टान हैं जो हादसे का कारण बन सकती हैं। इसलिए पत्थरों को हटाया जाएगा।देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे की एलिवेटेड रोड पर चट्टान से खतरा बने पत्थर और अतिरिक्त मलबे को हटाया जाएगा। इसके अलावा बड़ी चट्टान के हिस्से को भी हटाया जाएगा। इसके लिए 22 मई से आठ जून तक काम होगा।एनएचएआई ने इसके लिए यातायात डायवर्जन प्लान भी जारी किया है। चट्टान से पत्थर गिरने के डर को देखते हुए एनएचएआई बारिश से पहले ये काम पूरा करेगा। अमर उजाला ने कई बार इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।दरअसल, एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान एनएचएआई ने पहाड़ी काटकर एलिवेटेड रोड का निर्माण किया है। एलिवेटेड रोड पहाड़ी क्षेत्र से गुजरती है। इस समय भी चार जगह बड़ी चट्टान हैं जो हादसे का कारण बन सकती हैं। पत्थरों के गिरने की आशंका को देखते हुए एनएचएआई ने पहले संवेदनशील स्थानों पर स्टोन कैचर लगाए थे लेकिन वो पूरी तरह से मजबूत साबित नहीं हुए।इसे देखते हुए अब एनएनचआई सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ढलान स्थिरीकरण कार्य करेगा। इसके लिए चट्टान से बड़े पत्थर और अतिरिक्त मलबा हटाकर चट्टान को पीछे किया जाएगा।




