
एसआईआर के तहत प्राप्त गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और अब चुनाव आयोग विधानसभा चुनाव की तैयारियों के अगले चरण में प्रवेश करेगा। मतदाताओं की संख्या और निर्धारित मानकों के आधार पर प्रदेशभर में मतदान केंद्रों का पुनर्निर्धारण किया जाएगा।चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का पहला चरण मंगलवार को दोपहर 12 बजे पूरा हो जाएगा। 99.9 प्रतिशत एसआईआर गणना प्रपत्र डिजिटाइज हो चुके हैं। इसके साथ ही अब आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मतदान केंद्रों का पुनर्निर्धारण शुरू हो जाएगा। फिर 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जाएगी।चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का पहला चरण मंगलवार को दोपहर 12 बजे पूरा हो जाएगा। 99.9 प्रतिशत एसआईआर गणना प्रपत्र डिजिटाइज हो चुके हैं। इसके साथ ही अब आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मतदान केंद्रों का पुनर्निर्धारण शुरू हो जाएगा। फिर 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जाएगी।प्रदेश में आठ जून से एसआईआर की शुरुआत हुई थी। पहले सभी मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंचाए गए। इसके बाद भरे हुए प्रपत्र वापस लेकर बीएलओ ने उन्हें एप के माध्यम से डिजिटाइज किया। यह प्रक्रिया मंगलवार को पूरी हो रही है। इसके बाद कोई भी एसआईआर गणना प्रपत्र न तो जमा होगा और न ही डिजिटाइज किया जाएगा।मतदाताओं के हिसाब से अब मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय मतदान केंद्रों का पुनर्निर्धारण शुरू करने जा रहा है। जिन मतदान केंद्रों पर 1200 से अधिक मतदाता होंगे, उनके लिए दूसरा मतदान केंद्र बनाया जाएगा। मतदाता के घर से मतदान केंद्र की दूरी दो किलोमीटर से अधिक नहीं होगी। तमाम पैमानों को मद्देनजर रखते हुए आयोग मतदान केंद्र बनाएगा।वर्तमान में प्रदेश में 11,733 मतदान केंद्र हैं, जिनकी संख्या में करीब एक से दो हजार तक इजाफा हो सकता है। खास बात यह है कि ये मतदान केंद्र ही अगले विधानसभा चुनाव में होंगे। मतदान केंद्रों की जानकारी 14 जुलाई को जारी होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची से मिल सकेगी।




