ज्योतिर्मठ हादसा: हवाई सेवाओं को लेकर चिंता, ट्रांस भारत के हेलीकॉप्टर की पहले भी हो चुकी है इमरजेंसी लैंडिंग

पिछले वर्ष केदारनाथ मंदिर के पास और सेरसी हेलीपैड के निकट सड़क पर हेलीकॉप्टर की क्रैश लैंडिंग हुई थी। वहीं कुछ दिन पहले ट्रांस भारत एविएशन कंपनी के ही हेलीकॉप्टर की टिहरी जिले के चंबा के पास आपातकालीन लैंडिंग कराई गई थी।चारधाम यात्रा के अंतिम चरण में हुए हेलीकॉप्टर हादसे ने हवाई सेवाओं की सुरक्षा पर चिंता खड़ी कर दी है। यह हेलीकॉप्टर ट्रांस भारत एविएशन कंपनी का था जबकि कुछ दिन पहले टिहरी जिले में इसी कंपनी के हेलीकॉप्टर की आपातकालीन लैंडिंग हुई थी। अब यात्रा के समापन से पहले हुई यह दुर्घटना बेहद दुखद है।
पिछले वर्ष केदारनाथ मंदिर के पास और सेरसी हेलीपैड के निकट सड़क पर हेलीकॉप्टर की क्रैश लैंडिंग हुई थी। वहीं कुछ दिन पहले ट्रांस भारत एविएशन कंपनी के ही हेलीकॉप्टर की टिहरी जिले के चंबा के पास आपातकालीन लैंडिंग कराई गई थी। जानकारी के अनुसार हादसे के समय हेलीकॉप्टर में पायलट समेत छह लोग सवार थे।शुरुआती दौर में हेलीकॉप्टर की लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही थी। बताया जा रहा है कि तीर्थयात्री हेलीकॉप्टर से देश के प्रथम गांव माणा घूमने गए थे। वहां से सहस्रधारा लौटते समय हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया। इससे पहले 10 जून 2017 को बदरीनाथ धाम से हरिद्वार जाते समय क्रिस्टल एविएशन कंपनी का हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।इस हादसे में कंपनी के चीफ इंजीनियर की मौत हो गई थी जबकि दोनों पायलट घायल हो गए थे। हालांकि बदरीनाथ धाम क्षेत्र में हेलीकॉप्टर दुर्घटनाएं अपेक्षाकृत कम हुई हैं। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।




