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उत्तराखंड

आत्मनिर्भर उत्तराखंड के लिए ज्ञान और संतुलन का मंत्र; ग्राफिक्स से समझिए धामी सरकार का बजट

धामी सरकार ने आज गैरसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र के दौरान बजट पेश किया। सरकार ने नई सोच, नवाचार, अवस्थापना विकास के साथ अलग-अलग वर्गों के लिए किए गए प्रावधान को संतुलन से परिभाषित किया है। 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 111703.21 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। वर्तमान वित्तीय वर्ष की तुलना में इस बजट के आकार में 10.41 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। बजट में सरकार ने आत्मनिर्भर व विकसित उत्तराखंड के संकल्प को पूरा करने के लिए ज्ञान व संतुलन का मंत्र दिया।

यह पहला मौका है जब मुख्यमंंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन में वित्त मंत्री के रूप में अपनी सरकार का बजट पेश किया। उन्होंने करीब सवा घंटे के बजट भाषण में विकसित उत्तराखंड के संकल्प को दोहराया। कहा, यह संकल्प ज्ञान व संतुलन के मंत्र से पूरा होगा।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 111703.21 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। वर्तमान वित्तीय वर्ष की तुलना में इस बजट के आकार में 10.41 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। बजट में सरकार ने आत्मनिर्भर व विकसित उत्तराखंड के संकल्प को पूरा करने के लिए ज्ञान व संतुलन का मंत्र दिया।

यह पहला मौका है जब मुख्यमंंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन में वित्त मंत्री के रूप में अपनी सरकार का बजट पेश किया। उन्होंने करीब सवा घंटे के बजट भाषण में विकसित उत्तराखंड के संकल्प को दोहराया। कहा, यह संकल्प ज्ञान व संतुलन के मंत्र से पूरा होगा। धामी सरकार के बजट में क्या खास है ग्राफिक्स के जरिए समझते हैं…

सरकार को नए वित्तीय वर्ष में 111703.21 करोड़ का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है। इसमें 67525.77 करोड़ राजस्व प्राप्तियों व 42617.35 करोड़ पूंजीगत प्राप्तियों का योगदान शामिल होगा। कर मुक्त बजट में राजस्व घाटे का अनुमान नहीं है। वहीं, 12579.70 करोड़ राजकोषीय घाटा होने का अनुमान लगाया गया है।

धामी सरकारक इस बजट से महिला कल्याण की योजनाएं परवान चढ़ेंगी। सरकार ने इस वर्ष भी जेंडर बजट बढ़ाया है। पिछले साल इसमें 2423 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की थी। इस साल इस साल पिछले साल से 2730 करोड़ और बढ़ा बजट रखा गया है।

युवाओं के लिए शिक्षा और अवसर
सरकार ने युवाओं को सशक्त बनाने के लिए शिक्षा, छात्रवृत्ति और तकनीकी विकास से जुड़े प्रावधान किए हैं। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए 60 करोड़, सीएम पलायन रोकथाम योजना के लिए 10 करोड़, पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के लिए 62.29 करोड़, गैर सरकारी महाविद्यालयों को सहायता अनुदान के लिए 155.38 करोड़, मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना के लिए 10 करोड़ एवं उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के लिए 3.34 करोड़ की व्यवस्था की है।

अन्नदाताओं पर भी सरकार मेहरबान
सरकार ने बजट में अन्नदाताओं के लिए भी कई योजनाओं में अच्छे खासे बजट की व्यवस्था की है। ट्राउट प्रोत्साहन योजना के लिए 39.90 करोड़, मोटा अनाज मिशन योजना के प्रोत्साहन के लिए 12 करोड़, स्थानीय फसलों को प्रोत्साहित कार्यक्रम के लिए 5.75 करोड़, किसान पेंशन योजना के लिए 12.6 करोड़, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 160.13 करोड़, दुग्ध मूल्या प्रोत्साहन योजना के तहत 32 करोड़ की व्यवस्था की गई है।

सबको मिलेगा कैशलेस और बेहतर इलाज
उत्तराखंड में सबको कैशलेस और बेहतर इलाज मिलेगा। बजट में स्वास्थ्य विभाग के लिए 4252 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अटल आयुष्मान योजना का बजट सरकार ने 560 करोड़ से बढ़ाकर 600 करोड़ कर दिया है।

आवास विभाग को 130 करोड़
शहरों में पर्यटन सीजन में विशेषकर जाम मुसीबत है। इससे छुटकारे के लिए 196 वाहन पार्किंग स्थलों का चयन किया गया है। इसमें 66 सरफेस पार्किंग, 112 मल्टी लेवल कार पार्किंग, 09 ऑटोमेटेड कार पार्किंग और नौ टनल पार्किंग चिह्नित हैं। 

बजट में ये भी खास खास
बजट में अवैध खनन, एआई, साइबर सुरक्षा से लेकर खनन सर्विलांस , आईटी सेवाओं के विस्तार, अगले साल होने वाले कुंभ के लिए प्रावधान है।

संतुलन का बजट
सरकार में नई सोच, नवाचार, अवस्थापना विकास के साथ अलग-अलग वर्गों के लिए किए गए प्रावधान को संतुलन से परिभाषित किया है। संतुलन यानी समावेशी विकास, आत्मनिर्भर, नई सोच, तीव्र विकास, उन्नत गांव व शहर, लोक सहभागिता, आर्थिक शक्ति, न्यायपूर्ण व्यवस्था पर बजट में प्राथमिकता दी गई है।

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