बर्फ में फंसे ट्रेकर्स तक पहुंचने की कोशिश जारी, कालिंदी खाल से चार और सुरक्षित निकाले

उच्च हिमालयी क्षेत्रों में शनिवार को हुई बर्फबारी से गंगोत्री ग्लेशियर की विभिन्न चोटियों व पास के आरोहण और ट्रैकिंग के लिए गए 136 पर्वतारोही फंस गए थे। इनमें से 40 को सुरक्षित निकाल लिया गया। आज सुबह फिर उत्तरकाशी के कालिंदी खाल ट्रैक में फंसे ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। आज चार और लोगों को सुरक्षित निकालकर हर्षिल हेलीपैड पहुंचाया गया, जबकि बाकी ट्रेकर्स तक पहुंचने का प्रयास जारी है।उत्तरकाशी के कालिंदी खाल ट्रैक में फंसे ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने के लिए मंगलवार को रेस्क्यू अभियान फिर शुरू किया गया। सेनानायक एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी के निर्देश पर एसडीआरएफ की टीमें अन्य रेस्क्यू एजेंसियों के साथ मिलकर बचाव कार्य में जुटी हैं।
आज रेस्क्यू अभियान के दौरान चार और लोगों को सुरक्षित निकालकर हर्षिल हेलीपैड पहुंचाया गया। इसके साथ ही कालिंदी खाल से अब तक कुल 15 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। हर्षिल हेलीपैड पर अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र की मौजूदगी में रेस्क्यू टीमों और हेलिकॉप्टर के पायलट ने अभियान को लेकर आवश्यक समन्वय और विस्तृत प्लानिंग की।इसके बाद तय कार्ययोजना के अनुसार रेस्क्यू अभियान को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाया गया। इसके अलावा माउंट जॉगिंग क्षेत्र की रेकी के लिए एसडीआरएफ के दो जवान भी रवाना हुए हैं। टीम क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और सुरक्षित मार्ग का आकलन कर रही है। शेष ट्रेकर्स को सुरक्षित निकालने के लिए अभियान जारी है।सोमवार को शासन-प्रशासन की ओर से चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद चालीस पर्वतारोहियों को हेलिकॉप्टर से सुरक्षित निकाल लिया गया। रेस्क्यू में आईटीबीपी, एनआईएम, एसडीआरएफ, वन विभाग शामिल है। शाम को मौसम खराब होने के कारण बचाव अभियान को रोक दिया गया। अभी 97 पर्वतारोही फंसे हुए हैं। सोमवार को सुबह मौसम साफ होने के बाद चार हेलीकॉप्टर के माध्यम से उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बचाव कार्य शुरू किया गया।
इसमें सबसे पहले ओडन कॉल पास से आईटीबीपी की दो टुकड़ियों सहित वन विभाग की टीम ने पर्वतारोहियों को रेस्क्यू किया। वहां से दोपहर तक सभी 29 पर्वतारोहियों को रेस्क्यू किया गया। उसके बाद एसडीआरएफ सहित एनआईएम की टीम ने कालींदी खाल पास से 11 पर्वतारोहियों को रेस्क्यू कर हर्षिल हेलिपैड पहुंचाया।




