उत्तरकाशी में 136 पर्वतारोही फंसे, बागेश्वर में 43 को रोका; आठ हेलीकॉप्टरों से आज होगा रेस्क्यू

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने देर शाम राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर विभिन्न स्थानों पर फंसे पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकालने के लिए संचालित किए जा रहे राहत एवं बचाव अभियान की समीक्षा की।मौसम खराब होने के कारण उत्तरकाशी जिले में विभिन्न स्थानों पर 136 पर्वतारोही बेस कैंप व अन्य स्थानों पर फंस गए हैं, जबकि बागेश्वर जिले में 43 पर्वतारोहियोें को सुरक्षित स्थान पर रोका गया है।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने देर शाम राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर विभिन्न स्थानों पर फंसे पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकालने के लिए संचालित किए जा रहे राहत एवं बचाव अभियान की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पर्वतारोहियों को सुरक्षित निकालने के लिए युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान संचालित किया जाए। बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि उत्तरकाशी जिले में 10 ट्रेकिंग दलों के 136 पर्वतारोही फंसे हैं। जबकि बागेश्वर जिले में तीन दलों के 43 पर्वतारोहियों को सुरक्षित स्थान पर रोका गया है। सभी ट्रेकर्स की सुरक्षित वापसी के लिए संबंधित जिलों में रेस्क्यू प्लान तैयार किया गया है।उधर, डीएम उत्तरकाशी प्रशांत आर्य ने बताया कि सभी लोग सुरक्षित हैं, सैटेलाइट के माध्यम से लगातार संपर्क जारी है। जबकि, उत्तरकाशी के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं ने बताया कि कालिंदी ट्रैक पास सहित उडन कॉल पास, माउंट सुदर्शन, भागीरथी टू, जोगिन वन, शिवलिंगा वन और टू सतोपंथ, श्रीकंठ चोटियों के आरोहण के लिए निकले करीब 136 पर्वतारोही अलग-अलग स्थानों पर फंसे हैं। ये अलग-अलग दलों में सितंबर में ही रवाना हुए थे।मुख्य सचिव ने रेस्क्यू के बाद सभी पर्वतारोहियों की तत्काल मेडिकल स्क्रीनिंग एवं स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने एम्स ऋषिकेश तथा श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को अलर्ट मोड पर रखने को कहा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर अस्वस्थ पर्वतारोहियों को तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।



