विरासत महोत्सव में विंटेज कार रैली: दून की सड़कों पर दौड़ी इतिहास की धरोहर, लोकनृत्यों ने बांधा समा

सांस्कृतिक कार्यक्रम में जौनसार बावर के कलाकारों ने आकर्षक लोकगीतों व नृत्यों से विरासत की महफिल में रंग जमा दिया। साथ ही बहार-ए-लखनऊ की नृत्य श्रृंखला में कृष्णा मोहन की प्रस्तुति से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।विरासत महोत्सव के तीसरे दिन दून की सड़कों पर इतिहास की धरोहर दौड़ती हुई दिखी। विंटेज कार रैली में दुपहिया और चारपहिया वाहन दिन भर आकर्षण का केंद्र बन रहे। इन सभी वाहनों के मॉडल देश ही नहीं विदेशों के भी रहे। वहीं, शाम को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोकनृत्यों ने समां बांध दिया।
हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र नींबूवाला में आयोजित विरासत से शुरू हुई रैली सेवन ओक्स स्कूल, ओएनजीसी चौक, किशननगर, चकराता रोड, बिंदाल से होते हुए घंटाघर पहुंची और वहां से चकराता रोड, बिंदाल पुल से होकर वापस विरासत महोत्सव में पहुंची।वहीं, सांस्कृतिक कार्यक्रम में जौनसार बावर के कलाकारों ने आकर्षक लोकगीतों व नृत्यों से विरासत की महफिल में रंग जमा दिया। साथ ही बहार-ए-लखनऊ की नृत्य श्रृंखला में कृष्णा मोहन की प्रस्तुति से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। देवेंद्र रावत के निर्देशन में 20 सदस्यीय दल ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से क्षेत्र की लोक संस्कृति और परंपराओं की झलक को बहुत ही खूबसूरती के साथ पेश किया।कार्यक्रम की शुरुआत महासू वंदना से हुई, जबकि समापन नाटी नृत्य के साथ किया गया। इस दौरान दल का प्रसिद्ध पारंपरिक नृत्य तांडी भी आकर्षण का केंद्र बना रहा। दल में विनोद कुमार रलसिंगा, अमित ढोल पर, विनोद दुमाऊं पर, अनुज कीबोर्ड पर बने रहे, जबकि गिटार पर सोनू, ढोलक पर प्रिंस व आशीष नेगी ने पैड पर संगत शानदार रूप में दी। वहीं, गायन की जिम्मेदारी अनुप चंद, सचिन वर्मा और मोनिका आर्या ने संभाली।



