Home Tuition in Dehradun
उत्तराखंड

 विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू, बिहार से पहुंचीं ईवीएम, अगले महीने अधिकारियों का प्रशिक्षण

उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चुनावी तैयारियां अब रफ्तार पकड़ने लगी हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने चुनावी कार्ययोजना तैयार कर दी है, जबकि बिहार से मंगाई गई अतिरिक्त ईवीएम मशीनों को जिलों में भेजने के साथ ही सितंबर-अक्तूबर में उनकी प्रथम स्तर की जांच और अधिकारियों के प्रशिक्षण की प्रक्रिया भी शुरू होने जा रही है।प्रदेश में जिलावार चुनाव के लिए ईवीएम की तैयारी की जा रही है। पिछले लोकसभा चुनाव के बाद उपलब्धता देखें तो राज्य में 25,697 वीवीपैट, 27,700 बैलेट यूनिट और 36,553 कंट्रोल यूनिट उपलब्ध हैं। बिहार से मंगाई गई ईवीएम को भी जिलावार भेज दिया गया है।चुनाव आयोग के प्लानर के हिसाब से सितंबर-अक्तूबर में इन सभी ईवीएम की प्रथम स्तर की जांच प्रदेशभर में की जाएगी। जिन मशीनों में खराबी होगी, उन्हें पहले ही पूरी प्रक्रिया से अलग कर दिया जाएगा। इसके बाद बची हुई ईवीएम को स्ट्रांग रूम में सहेजकर रखी दी जाएंगी।उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चुनावी तैयारियां अब रफ्तार पकड़ने लगी हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने चुनावी कार्ययोजना तैयार कर दी है, जबकि बिहार से मंगाई गई अतिरिक्त ईवीएम मशीनों को जिलों में भेजने के साथ ही सितंबर-अक्तूबर में उनकी प्रथम स्तर की जांच और अधिकारियों के प्रशिक्षण की प्रक्रिया भी शुरू होने जा रही है।प्रदेश में जिलावार चुनाव के लिए ईवीएम की तैयारी की जा रही है। पिछले लोकसभा चुनाव के बाद उपलब्धता देखें तो राज्य में 25,697 वीवीपैट, 27,700 बैलेट यूनिट और 36,553 कंट्रोल यूनिट उपलब्ध हैं। बिहार से मंगाई गई ईवीएम को भी जिलावार भेज दिया गया है।चुनाव आयोग के प्लानर के हिसाब से सितंबर-अक्तूबर में इन सभी ईवीएम की प्रथम स्तर की जांच प्रदेशभर में की जाएगी। जिन मशीनों में खराबी होगी, उन्हें पहले ही पूरी प्रक्रिया से अलग कर दिया जाएगा। इसके बाद बची हुई ईवीएम को स्ट्रांग रूम में सहेजकर रखी दी जाएंगी।प्रदेश में जिलावार चुनाव के लिए ईवीएम की तैयारी की जा रही है। पिछले लोकसभा चुनाव के बाद उपलब्धता देखें तो राज्य में 25,697 वीवीपैट, 27,700 बैलेट यूनिट और 36,553 कंट्रोल यूनिट उपलब्ध हैं। बिहार से मंगाई गई ईवीएम को भी जिलावार भेज दिया गया है।चुनाव आयोग के प्लानर के हिसाब से सितंबर-अक्तूबर में इन सभी ईवीएम की प्रथम स्तर की जांच प्रदेशभर में की जाएगी। जिन मशीनों में खराबी होगी, उन्हें पहले ही पूरी प्रक्रिया से अलग कर दिया जाएगा। इसके बाद बची हुई ईवीएम को स्ट्रांग रूम में सहेजकर रखी दी जाएंगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button