Home Tuition in Dehradun
उत्तराखंड

डीएवी पीजी कॉलेज देहरादून: छात्रसंघ चुनाव: प्रवेश हुए नहीं, फिर DAV में कहां से आ रही चुनावी भीड़, उठे सवाल

डीएवी पीजी कॉलेज में चुनावी हलचल के बीच बड़ा सवाल भी उठ रहा है। प्रवेश कम होने के बावजूद चुनाव के दौरान उमड़ रही युवाओं की भीड़ और सक्रिय पूर्व छात्र नेताओं ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।राज्य विश्वविद्यालय और गढ़वाल विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में बीते कुछ वर्षों से छात्र प्रवेश में कमी का असर साफ नजर आ रहा है। कई महाविद्यालयों में बड़ी संख्या में सीटें खाली रह जा रही हैं। ऐसे में डीएवी पीजी कॉलेज का नजारा कुछ अलग ही तस्वीर पेश कर रहा है। यहां छात्रसंघ चुनाव की सरगर्मी के बीच कॉलेज परिसर में युवाओं की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। मुख्य द्वार से लेकर परिसर के अलग-अलग हिस्सों तक चुनावी गतिविधियां नजर आ रही हैं।

कॉलेज में प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या भले ही पहले की तुलना में कम हुई हो, लेकिन चुनावी मौसम में जुटने वाली भीड़ में कोई खास कमी दिखाई नहीं दे रही है। चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद से ही कॉलेज के आसपास और परिसर में छात्र नेताओं, समर्थकों और कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ गई है। दिनभर मुख्य द्वार के आसपास युवाओं के समूह नजर आ रहे हैं, जबकि परिसर में भी अलग-अलग प्रत्याशियों के समर्थक चुनावी माहौल बनाते दिख रहे हैं।डीएवी के चुनावी माहौल में सिर्फ वर्तमान छात्र ही सक्रिय नजर नहीं आ रहे हैं। एनएसयूआई और एबीवीपी के साथ ही अन्य छात्र संगठनों से जुड़े पूर्व छात्रनेताओं की सक्रियता भी चर्चा में है। वर्षों पहले कॉलेज से पढ़ाई पूरी कर चुके कई पूर्व छात्रनेता अपने-अपने संगठन और प्रत्याशियों के समर्थन में मैदान में दिखाई दे रहे हैं। यही वजह है कि कॉलेज परिसर में मौजूद युवाओं की संख्या केवल मौजूदा छात्रों तक सीमित नजर नहीं आती। छात्रसंघ चुनावों में पूर्व छात्रनेताओं की भूमिका नई नहीं है। हालांकि, प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या घटने के बावजूद चुनाव के दौरान बड़ी संख्या में युवाओं की मौजूदगी इस बार विशेष रूप से नजर खींच रही है। प्रत्याशियों के साथ समर्थकों के पहुंचने से कॉलेज परिसर में दिनभर चुनावी गतिविधियां तेज बनी हुई हैं।छात्रसंघ चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही डीएवी का माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंग गया है। मुख्य द्वार पर प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की आवाजाही बनी हुई है। परिसर के भीतर भी अलग-अलग छात्र संगठनों से जुड़े युवाओं की सक्रियता दिखाई दे रही है। प्रत्याशी अपने पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए छात्रों से संपर्क कर रहे हैं। उधर डीएवी में छात्रसंघ चुनाव हमेशा से ही उत्तराखंड की छात्र राजनीति के केंद्र में रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button