बोले सीएम धामी- पीएम मोदी ने विकास को दी रफ्तार, वैश्विक स्तर पर उत्पादों को दिलाई पहचान

कैबिनेट से पहले सोमवार को मुख्यमंत्री धामी व मंत्रियाें ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष का सेवाकाल पूरा होने पर उनके दीर्घायु के लिए हरकी पैड़ी में गंगा पूजन किया।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ 25 वर्ष से राष्ट्र सेवा की है। उनके नेतृत्व और मार्ग दर्शन में उत्तराखंड में विकास को रफ्तार मिली। साथ ही स्थानीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई। वर्तमान में 2.25 लाख करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
कैबिनेट से पहले सोमवार को मुख्यमंत्री धामी व मंत्रियाें ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष का सेवाकाल पूरा होने पर उनके दीर्घायु के लिए हरकी पैड़ी में गंगा पूजन किया। प्रेस वार्ता में सीएम ने कहा, प्रधानमंत्री का राज्य के प्रति विशेष लगाव है। जो प्रधानमंत्री के रूप में अब तक 28 से अधिक बार उत्तराखंड का भ्रमण करने से साबित होता। प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड की संस्कृति और संस्कार के साथ ब्रह्मकमल टोपी तक को दुनिया में पहुंचाया। प्रधानमंत्री मोदी ने देश के हर वर्ग के लिए योजनाएं बनाई हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर बजट को 2 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 12 लाख करोड़ किया गया है। आयुष्मान भारत के तहत 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा और जन-धन खातों से गरीबों को बैंक से जोड़ा गया। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक और वन रैंक वन पेंशन जैसी योजनाओं का भी उल्लेख किया।प्रधानमंत्री ने हमेशा समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के कल्याण को प्राथमिकता दी। युवाओं के लिए स्टार्टअप और कौशल विकास की योजनाएं शुरू की गई हैं, वहीं महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए लखपति दीदी और ड्रोन दीदी जैसी पहल की गई हैं। जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन और एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय जैसी योजनाओं से करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सेना और सैनिकों की जरूरतों को प्राथमिकता दी है। चार दशक के इंतजार के बाद सैनिकों को वन रैंक, वन पेंशन योजना का लाभ मिला। कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों के माध्यम से भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी दृढ़ कार्रवाई का संदेश दिया है। पहले भारत रक्षा सामग्री के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर था, जबकि अब देश अनेक देशों को रक्षा उपकरणों का निर्यात भी कर रहा है।




