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उत्तराखंड

IIT Roorkee: कैंसर उपचार में AI की छलांग, मरीज के अनुसार चुनेगा सुरक्षित दवाएं, वैज्ञानिक ने बनाया प्लेटफार्म

आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिक प्रो. कमल जैन ने एआई और कंप्यूटेशनल सर्च आधारित ‘ओमनीसिंक्स’ प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जो मरीज की स्थिति के अनुसार सबसे सुरक्षित और प्रभावी दवा संयोजन चुनने में मदद करेगा। यह प्लेटफॉर्म 77 करोड़ संभावित दवा संयोजनों का विश्लेषण करने में सक्षम है, जिससे कैंसर उपचार को अधिक सटीक और सुरक्षित बनाया जा सकेगा।भारत में हर साल 15 लाख नए कैंसर मरीज सामने आते हैं। इनमें से 75 फीसदी मरीजों में बीमारी की पहचान देर से होती है, जब वह अंतिम चरण में पहुंच चुकी होती है। इस गंभीर चुनौती से निपटने के लिए आईआईटी वैज्ञानिक प्रो. कमल जैन ने एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और कंप्यूटेशनल सर्च आधारित प्लेटफार्म विकसित किया है। जो महज चार घंटे में कैंसर मरीज की स्थिति के अनुसार सबसे बेहतर इलाज और साइड इफेक्ट को ध्यान में रखते हुए सटीक दवाओं की जानकारी उपलब्ध कराएगा।वैज्ञानिक कमल जैन के अनुसार, 2045 तक देश में कैंसर मरीजों की संख्या बढ़कर 25 लाख हो जाएगी। कैंसर विशेषज्ञों के पास प्रत्येक मरीज के लिए केवल 15-20 मिनट होते हैं। इस दौरान उन्हें हजारों दवाओं और मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री को ध्यान में रखकर निर्णय लेना होता है। पारंपरिक ट्रायल और सही परिणाम पाने में महीनों लग जाते हैं, जिससे कैंसर और फैलता है। इसके समाधान के लिए तैयार किया गया ओमनीसिंक्स नामक प्लेटफार्म इस समस्या का समाधान कंप्यूटर-आधारित खोज से करता है।

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