स्वामी रामदेव ने युवा प्रतिभागियों संग दिखाया दम: राष्ट्रीय खेल में गुरुकुल ने जीते कई पदक; आचार्यकुलम अव्वल

कबड्डी प्रतियोगिता में गुरुकुल की टीम ने अंडर-14 और अंडर-17 वर्ग में आचार्यकुलम को हराकर पहला स्थान हासिल किया।भारतीय शिक्षा बोर्ड की ओर से संचालित आचार्यकुलम में आयोजित दूसरे राष्ट्रीय खेल-2026 में स्वामी दर्शनानंद गुरुकुल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। गुरुकुल के खिलाड़ियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में अनेक पदक और स्थान प्राप्त किए। उन्होंने कबड्डी, फुटबॉल, बास्केटबॉल और बैडमिंटन में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। वहीं स्वामी रामदेव ने इस प्रतियोगिता में कबड्डी टीम के सामने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने युवा प्रतिभागियों के साथ प्रतियोगिता के मैदान में उतरकर कबड्डी की बारीकियों से भी परिचित कराया।\कबड्डी प्रतियोगिता में गुरुकुल की टीम ने अंडर-14 और अंडर-17 वर्ग में आचार्यकुलम को हराकर पहला स्थान हासिल किया। फुटबॉल में अंडर-14 वर्ग में तीसरा, अंडर-17 में दूसरा और अंडर-19 में तीसरा स्थान मिला। बास्केटबॉल में खिलाड़ियों ने अंडर-17 वर्ग में तीसरा और अंडर-19 वर्ग में दूसरा स्थान प्राप्त किया।कबड्डी प्रतियोगिता में गुरुकुल की टीम ने अंडर-14 और अंडर-17 वर्ग में आचार्यकुलम को हराकर पहला स्थान हासिल किया।भारतीय शिक्षा बोर्ड की ओर से संचालित आचार्यकुलम में आयोजित दूसरे राष्ट्रीय खेल-2026 में स्वामी दर्शनानंद गुरुकुल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। गुरुकुल के खिलाड़ियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में अनेक पदक और स्थान प्राप्त किए। उन्होंने कबड्डी, फुटबॉल, बास्केटबॉल और बैडमिंटन में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। वहीं स्वामी रामदेव ने इस प्रतियोगिता में कबड्डी टीम के सामने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने युवा प्रतिभागियों के साथ प्रतियोगिता के मैदान में उतरकर कबड्डी की बारीकियों से भी परिचित कराया।\कबड्डी प्रतियोगिता में गुरुकुल की टीम ने अंडर-14 और अंडर-17 वर्ग में आचार्यकुलम को हराकर पहला स्थान हासिल किया। फुटबॉल में अंडर-14 वर्ग में तीसरा, अंडर-17 में दूसरा और अंडर-19 में तीसरा स्थान मिला। बास्केटबॉल में खिलाड़ियों ने अंडर-17 वर्ग में तीसरा और अंडर-19 वर्ग में दूसरा स्थान प्राप्त किया।समारोह को संबोधित करते हुए आचार्य विरक्तदेव ने कहा कि यदि व्यक्ति पूर्ण पुरुषार्थ करता है तो परिणाम अवश्य प्राप्त होता है। उन्होंने छात्रों को निरंतर परिश्रम और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। संस्था के मुख्य अधिष्ठाता क्षेत्रपाल सिंह ने कहा कि खेलों से मनुष्य का समग्र विकास होता है। उन्होंने यह भी बताया कि पतंजलि के निर्देशन में संस्था खेल और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में आगे बढ़ रही है। पंडित हेमंत तिवारी ने उल्लेख किया कि कबड्डी में गुरुकुल का प्रदर्शन हमेशा श्रेष्ठ रहा है। इस प्रतियोगिता में भी ब्रह्मचारियों ने अपनी उत्कृष्ट परंपरा कायम रखी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए स्वामी मित्रदेव ने कहा कि खेल अनुशासन का प्रतीक है और अनुशासन के माध्यम से ही खेलों में विजय प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने छात्रों से खेल के साथ शिक्षा में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आह्वान किया। इस अवसर पर स्वामी नारायणदेव, स्वामी वासुदेव, स्वामी प्रकाशदेव, स्वामी मुकुंददेव, स्वामी कौशलदेव और सुशील कुमार त्यागी सहित कई आचार्य उपस्थित रहे।




