उत्तराखंड मॉडल को BRICS ने भी सराहा, अमर उजाला से बोले CM धामी; सरकार के सामने चुनौतियां भी बताईं

उत्तराखंड सिर्फ पहाड़ों, नदियों और तीर्थों का प्रदेश नहीं है। यह संभावनाओं की वह भूमि है जहां विकास, पर्यावरण, रोजगार और नई पीढ़ी की आकांक्षाएं एक साथ खड़ी हैं। इन्हीं सवालों के बीच आज देहरादून में अमर उजाला संवाद उत्तराखंड 2026 आयोजित हो रहा है। जिसमें उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की।अमर उजाला संवाद का मंच इस बार देवभूमि उत्तराखंड में सजा है। राजधानी देहरादून में आज होटल गेटवे में ‘संवाद’ का आयोजन हो रहा है। सतत विकास की थीम पर आयोजित हो रहे इस संवाद में विभिन्न क्षेत्रों की ऐसी हस्तियां शामिल होंगी, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में न सिर्फ पहचान बनाई है, बल्कि लाखों लोगों को प्रभावित भी किया है। भारत की प्रसिद्ध आध्यात्मिक वक्ता, भागवत कथा वाचिका और भजन गायिका देवी चित्रलेखा ने पहले सत्र सुप्रभात देवभूमि की शुरुआत की जिसके बाद संवाद में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। अमर उजाला के प्रबंध निदेशक तन्मय माहेश्वरी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का स्वागत किया।सीएम धामी ने संवाद कार्यक्रम को लेकर अमर उजाला को बधाई दी। सीएम राज्य की विकास योजनाओं, निवेश और युवाओं के लिए बन रहे अवसरों पर अपने विचार रख रहे हैं। सीएम ने कहा कि अमर उजाला से मेरा एक बहुत गहरा नाता है। मैं एक सामान्य परिवार में पैदा हुआ। लेकिन बचपन से मुझे कक्षा पांच या छठी के बाद मुझे अखबार पढ़ने का एक शौक सा हो गया। मेरा गांव नगलाथराई है खटीमा में शारदा नदी के पास। वहां गर्मियों में हम स्कूल से आते थे, पहले अपना बस्ता फेंकते थे और नदी में नहाते थे और उसके बाद जैसे ही शाम होती तो हम अखबार पढ़ने के लिए एक दुकान पर जाते थे लेकिन अखबार भी उन्हीं को मिलता था जो उस दुकान में चाय पीते थे या वहां पर समोसा खाते थे, तो उनके लिए अखबार आता। इस अखबार को शाम तक सैकड़ों लोग पढ़ चुके होते थे और अमर उजाला ही आता था।




