पूरा होगा जरूरतमंदों के अपने आशियाने का सपना, पीएम आवास के तहत 1647 आवासों को मिली मंजूरी

इस बार जहां शहरी विकास विभाग ने जिलाधिकारी की निगरानी में जिला स्तरीय समिति के माध्यम से ही प्रस्ताव लेने का नियम बनाया है तो वहीं केंद्र ने भी जियो टैगिंग अनिवार्य कर दी है।उत्तराखंड में निर्बल आय वर्ग के 1647 और जरूरतमंदों के अपने आशियानों का सपना जल्द पूरा होगा। पीएम आवास 2.0 (शहरी) के तहत उत्तराखंड को 1647 नए आवासों की सौगात मिली है। जल्द ही इसका बजट जारी हो जाएगा।
पीएम आवास 2.0 के तहत प्रदेशभर से विभिन्न निकायों से प्रस्ताव आ रहे हैं। खास बात ये है कि इस बार जहां शहरी विकास विभाग ने जिलाधिकारी की निगरानी में जिला स्तरीय समिति के माध्यम से ही प्रस्ताव लेने का नियम बनाया है तो वहीं केंद्र ने भी जियो टैगिंग अनिवार्य कर दी है।लिहाजा, सख्त नियमों के बीच ही पीएम आवास 2.0 के प्रस्ताव आ रहे हैं। इसके तहत आवास बनाने के लिए केंद्र से 2.25 लाख रुपये और राज्य से 50 हजार रुपये मिलाकर कुल 2.75 लाख रुपये मिलते हैं। पहली किस्त 20 हजार रुपये, दूसरी 90 हजार, तीसरी 1.10 लाख रुपये और चौथी 55,000 रुपये की मिलते हैं।प्रदेश में चमोली, हरिद्वार, नैनीताल, टिहरी और ऊधमसिंह नगर जिलों के नगर निकायों में पीएम आवास 2.0 क तहत 1647 आवास मंजूर हुए हैं। सचिव शहरी विकास नितेश झा ने बताया कि बाकी जो भी प्रस्ताव आ रहे हैं, उसी अनुसार आगे बढ़ाए जा रहे हैं। इससे पहले 2332 आवास मंजूर होने के बाद बजट भी मिल चुका है। नए आवासों के लिए जल्द ही बजट आ जाएगा।किस निकाय में कितने आवास हुए मंजूर
नगर पालिका चमोली-गोपेश्वर- 28
नगर पालिका गौचर- 63
नगर पालिका कर्णप्रयाग- 10
नगर पंचायत नंदानगर- 31
नगर पंचायत नंदप्रयाग- 10
नगर पंचायत पोखरी- 39
नगर पंचायत थराली- 30




