अध्यात्म के आंगन में अपराध की दस्तक: अपराधियों का नया ठिकाना बन रहा है ऋषिकेश, दो माह में हुई दो मुठभेड़

योग, अध्यात्म और पर्यटन की वैश्विक पहचान रखने वाली ऋषिकेश में अपराध का बढ़ता ग्राफ अब चिंता का विषय बनता जा रहा है। अपराध की स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जनवरी से अब तक क्षेत्र में करीब 230 प्राथमिकी दर्ज हो चुकी हैं।इनमें मारपीट, नशा कारोबार, चोरी, कैसीनो संचालन जैसी अवैध गतिविधियों और संगठित अपराध से जुड़े कई मामले शामिल हैं। स्थिति इतनी चिंताजनक है कि अपराधी पुलिस पर भी जानलेवा हमला करने से नहीं हिचक रहे हैं। योगनगरी में बढ़ते अपराध की तस्वीर पुलिस की लगातार कार्रवाई और खुलासों से ही उजागर हो रही है।28 मार्च को आईडीपीएल क्षेत्र में होटल के भीतर कथित कैसीनो संचालन के आरोप में 40 लोगों की गिरफ्तारी ने भी शहर को चौंकाया था। गिरफ्तार लोगों में 10 महिलाएं भी शामिल थीं। इससे पहले और बाद में भी नशे के कारोबार तथा अवैध गतिविधियों को लेकर समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं।21 मई को काले की ढाल क्षेत्र में पर्यटकों और कुछ युवकों के बीच हुआ विवाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहा था। घटना में एक पर्यटक को निर्वस्त्र कर पीटे जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस घटना ने न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि पर्यटन सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े किए थे।हाल ही में इंद्रमणि बडोनी चौक के समीप एक होटल में सात महिलाओं के मिलने के बाद कुछ संगठनों ने देह व्यापार जैसी गतिविधियों की आशंका जताई थी। हालांकि पुलिस जांच में ऐसी किसी गतिविधि की पुष्टि नहीं हुई और पुलिस ने आरोपों को खारिज कर दिया, लेकिन इस प्रकरण ने होटलों, गेस्ट हाउसों और किराये के ठिकानों की निगरानी को लेकर बहस जरूर छेड़ दी।



