स्क्रीनिंग से बच रहे श्रद्धालु, बदरीनाथ धाम पहुंचने पर बिगड़ रही तबीयत, अब तक 40 की मौत

चारधाम यात्रा के दौरान स्क्रीनिंग से बच रहे श्रद्धालुओं की बदरीनाथ धाम पहुंचने पर तबीयत बिगड़ रही है। उच्च रक्तचाप और सांस लेने में दिक्कत के मामले सबसे अधिक हैं। बदरीनाथ धाम और आस्था पथ (गौचर से बदरीनाथ) पर यात्रा के दौरान स्वास्थ्य बिगड़ने से अब तक 40 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है।चारधाम यात्रा के दौरान बदरीनाथ धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हो रही हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्र में पहुंचते ही कई श्रद्धालुओं, विशेषकर बुजुर्गों को सांस लेने में दिक्कत और रक्तचाप (बीपी) की दिक्कत होने के कारण अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक बदरीनाथ धाम के सरकारी अस्पताल, एमआरपी सेंटर और इमरजेंसी सेवाओं के माध्यम से 7050 श्रद्धालुओं को उपचार और स्वास्थ्य लाभ दिया जा चुका है।यात्रा मार्ग सूचना बोर्ड लगाए गए हैं जहां से क्यूआर कोड स्कैन कर स्वास्थ्य संबंधी सलाह ले सकते हैं। चारधाम यात्रा में एक माह में आठ लाख से अधिक श्रद्धालु बदरीविशाल के दर्शन कर चुके हैं। इसके बावजूद धाम से लगभग 15 किलोमीटर पहले पांडुकेश्वर में स्थापित स्वास्थ्य जांच केंद्र पर अब तक केवल 54 हजार के आसपास श्रद्धालुओं की ही स्क्रीनिंग हो सकी है।स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि बड़ी संख्या में यात्री स्वास्थ्य परीक्षण कराए बिना ही सीधे धाम पहुंच रहे हैं और ऊंचाई पर पहुंचने पर अचानक उनकी तबीयत खराब हो रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता ने बताया कि सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग कर पाना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।




