भारी से बारिश से केदारनाथ यात्रा पड़ी धीमी, यमुनोत्री हाईवे कई जगह अवरुद्ध, घनसाली में स्कूल बंद

उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से राज्य के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का पूर्वानुमान जारी किया है। वहीं, कुछ जिलों के लिए भारी से भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है। प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। केदारनाथ हाईवे भी कुंड के पास बंद= हो गया है। मशीनें मलबा हटाने में जुटी हैं।रुद्रप्रयाग में लगातार हो रही बारिश के कारण केदारनाथ यात्रा की रफ्तार धीमी पड़ गई है। धाम में चारों तरफ फैला घना कोहरा छाया है। वहीं चोटियां बर्फ से ढकी हैं। धाम में बारिश का दौर जारी है। पिछले तीन-चार दिनों से प्रतिदिन एक हजार से कम श्रद्धालु धाम पहुंच रहे थे, लेकिन सोमवार को यह संख्या बढ़कर 1,114 हो गई। अब तक 14,17,136 श्रद्धालु केदारनाथ धाम के दर्शन कर चुके हैं।बारिश को देखते हुए उपजिलाधिकारी घनसाली के निर्देश पर आज कक्षा 1 से 12 तक के सभी विद्यालय बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। खंड शिक्षा अधिकारी भिलंगना ने सभी प्रधानाचार्यों को आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।बड़कोट में रातभर हुई भारी बारिश के कारण यमुनोत्री हाईवे करीब आधा दर्जन स्थानों पर मलबा, पत्थर आने और भू-धंसाव के चलते बंद हो गया है। मार्ग खोलने में भी दिक्कत आ रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के अधिशासी अभियंता मनोज रावत ने बताया कि हाईवे खोलने के लिए मशीनें मौके पर भेज दी गई हैं, लेकिन लगातार बारिश के चलते राहत कार्य प्रभावित हो रहा है।टिहरी जिले में बीती रात से हो रही झमाझम बारिश के चलते मलबा और बोल्डर गिरने से नौ ग्रामीण संपर्क मोटर मार्ग यातायात के लिए बाधित हो गए हैं। इससे कई गांवों में वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट ने बताया कि बाधित सड़कों को खोलने का काम शुरू कर दिया गया है। बारिश से रायपुर-कुमाल्डा-कद्दूखाल, घुत्तू-गंगी, गुल्लर-भगवासेरा, गुल्लर-नाई माथियाली, नरेंद्रनगर-रानीपोखरी, देवप्रयाग-गाजा-जाजल, लालपुल-भुत्सी, रानीचौरी-नकोट और दिवाड़ा-बांगोली-राजराजेश्वरी मंदिर ग्रामीण मोटर मार्ग यातायात के लिए बाधित चल रहे हैं। विभागीय टीमों की ओर से मार्गों को खोलने का कार्य किया जा रहा है।




