एक विलेन फिल्म जैसी वारदात: हत्या के पीछे की कहानी हर किसी को चौंका रही, तीन लोगों को उतार दिया मौत के घाट

विष्णुलोक कॉलोनी में तीन लोगों की हत्या की वारदात के पीछे की कहानी हर किसी को चौंका रही है। आरोपी राजकुमार ने अपने मेहनताना का सिर्फ तीन सौ रुपये कम मिलने पर पहले कपूर दंपती फिर बीच-बचाव के लिए आई सहायक शीला की हत्या कर दी।रायपुर की विष्णुलोक कॉलोनी में मंगलवार को दिनदहाड़े तीन लोगों की हत्या में इस्तेमाल पेचकस ने वर्ष 2014 में रिलीज हुई फिल्म ‘एक विलेन’ की याद ताजा कर दी। फिल्म में खलनायक राकेश महाडकर का किरदार निभाने वाले रितेश देशमुख ने भी कत्ल के लिए पेचकस को ही हथियार बनाया था। वो फिल्म थी लेकिन रायपुर की वारदात में आरोपी राजकुमार ने हकीकत में पेचकस का हत्या के हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया है।
एक विलेन में राकेश महाडकर सीरियल किलर का किरदार निभाता है। वह अपने साथ हुए दुर्व्यवहार और अपमान का बदला लेने के लिए महिलाओं को निशाना बनाता है। फिल्म की शुरुआत में वह आयशा के घर में घुसता है और उस पर पेचकस से हमला करता है। गंभीर रूप से घायल आयशा को वह खिड़की से नीचे फेंक देता है। फिल्म के आगे के हिस्से में भी यही पेचकस उसके अपराध का हथियार बना रहता है और वह आयशा के पिता की भी हत्या कर देता है।वहीं, रायपुर की विष्णुलोक कॉलोनी में हुई वारदात में पेचकस किसी फिल्मी कहानी का हिस्सा नहीं, बल्कि विवाद के बाद आरोपी राजकुमार के हाथ में जानलेवा हथियार बन गया। पुलिस के मुताबिक, पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद के बाद राजकुमार ने बुजुर्ग दंपती रमेश कपूर (80) और उनकी पत्नी रजनी कपूर (75) पर पेचकस से हमला कर दिया। दोनों की मौके पर ही गंभीर हालत हो गई।वहीं, रायपुर की विष्णुलोक कॉलोनी में हुई वारदात में पेचकस किसी फिल्मी कहानी का हिस्सा नहीं, बल्कि विवाद के बाद आरोपी राजकुमार के हाथ में जानलेवा हथियार बन गया। पुलिस के मुताबिक, पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद के बाद राजकुमार ने बुजुर्ग दंपती रमेश कपूर (80) और उनकी पत्नी रजनी कपूर (75) पर पेचकस से हमला कर दिया। दोनों की मौके पर ही गंभीर हालत हो गई।




