नशा मुक्ति केंद्रों पर होगा डिजिटल पहरा, बनेगा ऑनलाइन डैशबोर्ड; एक क्लिक पर मिलेंगी सारी जानकारियां

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान बताया कि जिले में चल रहे नशे के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए एक मजबूत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों के पुनर्वास केंद्रों की नियमित जांच करें।नशा मुक्ति केंद्रों पर डिजिटल पहरा रहेगा। इसके लिए एक ऑनलाइन डैशबोर्ड तैयार किया जाएगा। इस पर एक क्लिक पर सारी जानकारियां मिल सकेंगी। इसके साथ ही निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाएगा। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मोथरोवाला में चल रहे अपंजीकृत नशा मुक्ति केंद्र को तत्काल सील करने के निर्देश दिए। इसके अलावा सभी नशा मुक्ति केंद्रों का निरीक्षण और अनियमितता पाए जाने पर उन्हें भी बंद करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उच्च शिक्षण संस्थानों में शपथ और सैंपलिंग की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी करने के लिए कहा है।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान बुधवार को कलेक्ट्रेट में नशा मुक्ति अभियान की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि जिले में चल रहे नशे के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए एक मजबूत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों के पुनर्वास केंद्रों की नियमित जांच करें। सभी नशामुक्ति केंद्रों की केंद्रीकृत निगरानी के लिए तत्काल ऑनलाइन डैशबोर्ड विकसित किया जाएगा। ताकि उनकी लगातार निगरानी हो सके। उन्होंने एंटी ड्रग्स अभियान के तहत सभी छात्रों से अनिवार्य रूप से ई-शपथ पत्र भरवाने और शिक्षण संस्थानों में एंटी ड्रग्स विषय पर नियमित कार्यशालाएं आयोजित की करने के निर्देश भी जारी किए हैं।जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि राजकीय वृद्ध एवं अशक्त आवास गृह, रायवाला के पास प्रस्तावित 75 बेड के नशामुक्ति केंद्र के भवन निर्माण के लिए 775 लाख रुपये की डीपीआर शासन को भेजी गई है। इसके सापेक्ष भारत सरकार की ओर से पहली किश्त के रूप में 132 लाख रुपये की धनराशि निदेशालय को जारी की गई है।




