रिकॉर्ड तोड़ जंगलों में आग की घटनाएं दर्ज, वायु गुणवत्ता चिंताजनक, ब्लैक कार्बन बढ़ा रही तपन

वनाग्नि की घटनाओं में 96.08 हेक्टेअर क्षेत्रफल में बेशकीमती जंगल जल चुके हैं। वनाग्नि से वायु गुणवत्ता को लेकर चिंता बनी हुई है। ब्लैक कार्बन भी तपन बढ़ा रही है।गढ़वाल मंडल के विभिन्न जिलों में इस साल अप्रैल महीने के तीसरे हफ्ते में ही रिकॉर्ड तोड़ वनाग्नि की घटनाएं दर्ज की गईं। बीते साल के मुकाबले अभी तक करीब 42 फीसदी अधिक जंगल जल चुके हैं। जिससे पहाड़ों के स्वच्छ पर्यावरण में भी वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है। विशेषज्ञों ने इससे गंभीर खतरे की आशंका जताई है। वनाग्नि की घटनाओं में 96.08 हेक्टेअर क्षेत्रफल में बेशकीमती जंगल जल चुके हैं। वनाग्नि से वायु गुणवत्ता को लेकर चिंता बनी हुई है। ब्लैक कार्बन भी तपन बढ़ा रही है।गढ़वाल मंडल के विभिन्न जिलों में इस साल अप्रैल महीने के तीसरे हफ्ते में ही रिकॉर्ड तोड़ वनाग्नि की घटनाएं दर्ज की गईं। बीते साल के मुकाबले अभी तक करीब 42 फीसदी अधिक जंगल जल चुके हैं। जिससे पहाड़ों के स्वच्छ पर्यावरण में भी वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है। विशेषज्ञों ने इससे गंभीर खतरे की आशंका जताई है।




